Saturday 9 June 2007

मेरी बुढिया....




तुम्ही तो हो जिससे प्यार किया है
ना वक़्त ना उम्र का लिहाज किया है

तुम्ही तो हो जिससे प्यार किया है
ना वफ़ा ना चाहत का इन्तजार किया है


तुम्ही तो हो जिससे प्यार किया है
ना ज़ख्म ना दर्द का परवाह किया है

तुम्ही तो हो जिससे प्यार किया है
ना खूबसुरती ना जिस्म का चाह किया है

मेरी बुढिया मैंने सिर्फ तुमसे प्यार किया है.....

No comments: